15 अक्टूबर का इतिहास जानिए घटनाएँ जानिए आज की प्रमुख जानकरी आज के दिन विशेष
15 अक्टूबर के इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाएँ शामिल हैं जो विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित हैं। यहाँ इस दिन की कुछ प्रमुख घटनाओं का विवरण दिया गया है औरंगजेब और बीजापुर 15th October events, history of 15th October, today in history, important events of October 15, October 15th historical events, global events on 15 October, 15 October milestones, special events 15 October, world history 15th October, events of 15 October, 15 October historical facts,
कृपानाथ मल्लाह (1973)
कृपानाथ मल्लाह भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, जो असम के करीमगंज निर्वाचन क्षेत्र से 17वीं लोकसभा के सदस्य हैं। वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े हैं और क्षेत्र के विकास और लोगों के कल्याण के लिए काम करते रहे हैं। कृपानाथ मल्लाह विशेष रूप से सामाजिक न्याय, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए प्रयासरत हैं। अपने लोकसभा कार्यकाल के दौरान, उन्होंने असम के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे के विकास और गरीबी उन्मूलन के लिए कई योजनाओं को आगे बढ़ाया है।
मागुण्टा श्रीनिवासुलु रेड्डी (1953)
मागुण्टा श्रीनिवासुलु रेड्डी एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, जो आंध्र प्रदेश के नेल्लोर से लोकसभा सांसद हैं। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और 17वीं लोकसभा में जनता का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। रेड्डी ने अपने क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू किया है। उन्होंने शिक्षा, कृषि, और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया है और क्षेत्र में जल संसाधनों और सिंचाई परियोजनाओं के सुधार के लिए भी कार्य किया है।
महेंद्र नाथ पांडेय (1948)
महेंद्र नाथ पांडेय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता हैं और उत्तर प्रदेश से लोकसभा सांसद रहे हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर में शिक्षा, कृषि, और उद्योग के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। महेंद्र नाथ पांडेय केंद्र सरकार में कई प्रमुख पदों पर रह चुके हैं, जिसमें कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय का नेतृत्व शामिल है। वे भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रमुख भी रह चुके हैं और राज्य की राजनीति में उनका प्रभाव व्यापक है।
मदन सिंह चौहान (1947)
मदन सिंह चौहान छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोक गायक और संगीतज्ञ हैं। उनकी आवाज़ और संगीत शैली ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को समृद्ध किया है। वे विशेष रूप से छत्तीसगढ़ी लोकगीतों और संगीत पर आधारित हैं और उन्हें स्थानीय संस्कृति को संरक्षित करने और प्रचारित करने के लिए जाना जाता है। चौहान का संगीत छत्तीसगढ़ की जनता के बीच अत्यधिक लोकप्रिय है और उनके लोकगीतों में छत्तीसगढ़ी संस्कृति और परंपराओं की झलक मिलती है।
अब्दुल कलाम (1931)
अब्दुल कलाम, जिन्हें 'मिसाइल मैन' के रूप में जाना जाता है, भारत के 11वें राष्ट्रपति थे और एक महान वैज्ञानिक और शिक्षक भी। उनका जन्म 1931 में रामेश्वरम, तमिलनाडु में हुआ था। उन्होंने भारत के अंतरिक्ष और रक्षा कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके नेतृत्व में भारत ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया। राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया और शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। वे सरल और विनम्र जीवन जीने के लिए प्रसिद्ध थे। 2015 में उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी प्रेरणादायक उपस्थिति आज भी जीवित है।
मदन लाल खुराना (1936)
मदन लाल खुराना भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री थे। उनका जन्म 1936 में हुआ और वे लंबे समय तक भाजपा के महत्वपूर्ण सदस्य रहे। खुराना ने दिल्ली के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया और उन्हें एक कुशल प्रशासक माना जाता था। दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने बुनियादी ढांचे, परिवहन और स्वच्छता में सुधार के लिए काम किया। इसके अलावा, उन्होंने पार्टी की संगठनात्मक क्षमताओं को भी मजबूत किया और भाजपा को दिल्ली में प्रमुख राजनीतिक शक्ति बनाने में मदद की।
मीरा नायर (1957)
मीरा नायर एक प्रसिद्ध भारतीय फिल्म निर्देशक हैं, जिनका जन्म 1957 में हुआ। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में अपनी पहचान बनाई है और सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्मों के लिए जानी जाती हैं। उनकी फिल्मों में 'सलाम बॉम्बे!', 'मॉनसून वेडिंग', और 'द नेमसेक' जैसी कृतियाँ शामिल हैं, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। नायर की फिल्में अक्सर भारतीय समाज के विभिन्न पहलुओं, प्रवासियों के जीवन, और मानवीय संवेदनाओं को चित्रित करती हैं। उनके काम को क्रांतिकारी और प्रभावशाली माना जाता है।
मुख़्तार अब्बास नक़वी (1957)
मुख्तार अब्बास नक़वी भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेता हैं और उन्होंने केंद्रीय मंत्री के रूप में कई महत्वपूर्ण विभागों का नेतृत्व किया है। वे 17वीं लोकसभा में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रहे हैं और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। नक़वी का राजनीतिक करियर तीन दशकों से अधिक का है, और वे भारतीय राजनीति में अल्पसंख्यकों के अधिकारों और कल्याण के मुद्दों पर मुखर रहे हैं। उन्होंने पार्टी और सरकार में अपनी नीतिगत दृष्टिकोण और रणनीतिक समझ के लिए पहचान बनाई है।
रमन सिंह (1952)
रमन सिंह भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेता और छत्तीसगढ़ के दूसरे मुख्यमंत्री हैं। उनका जन्म 1952 में हुआ और उन्होंने छत्तीसगढ़ को विकास और प्रगति की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए उल्लेखनीय काम किया। मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान, राज्य में कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में कई सुधार किए गए। वे लंबे समय तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे और उनकी नीतियों ने राज्य के समग्र विकास को प्रभावित किया। रमन सिंह की छवि एक सशक्त और जनहितैषी नेता की रही है।
फ़ैज़ी (1595)
फ़ैज़ी अकबर के दरबार के एक प्रसिद्ध फ़ारसी कवि और विद्वान थे। उनका पूरा नाम अबुल फ़ैज़ फ़ैज़ी था। वे अकबर के नवरत्नों में से एक थे और उनके भाई अबुल फ़ज़ल भी अकबर के दरबारी और सलाहकार थे। फ़ैज़ी की काव्य रचनाएँ फ़ारसी साहित्य में उच्च स्थान रखती हैं। उन्होंने कई महत्वपूर्ण ग्रंथों का अनुवाद भी किया, जिसमें संस्कृत से फ़ारसी में 'लीलावती' नामक गणितीय पुस्तक का अनुवाद प्रमुख है। फ़ैज़ी की साहित्यिक और बौद्धिक सेवाओं ने उन्हें मुग़ल साम्राज्य के सांस्कृतिक विकास में एक प्रमुख योगदानकर्ता बनाया।
साईं बाबा (1918)
साईं बाबा शिरडी के संत थे, जिनका जीवन मानवता और भक्ति की मिसाल है। उन्होंने जीवनभर मानवता की सेवा की और धर्म, जाति या संप्रदाय के भेदभाव से ऊपर उठकर प्रेम और करुणा का संदेश दिया। साईं बाबा के चमत्कारों और उपदेशों ने लाखों भक्तों को आकर्षित किया, और आज भी वे श्रद्धा और सबूरी (धैर्य) के प्रतीक माने जाते हैं। शिरडी में उनका समाधि स्थल आज भी भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है। साईं बाबा ने अपने जीवन में सरलता और सेवा को महत्व दिया और सभी को निःस्वार्थ प्रेम की सीख दी।
सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' (1961)
सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' हिंदी साहित्य के एक महान कवि, उपन्यासकार, निबंधकार और कहानीकार थे। वे हिंदी की छायावादी काव्य धारा के प्रमुख कवियों में से एक थे और उनकी रचनाएँ सामाजिक और मानवीय संवेदनाओं की गहरी अभिव्यक्ति करती हैं। उनकी प्रमुख रचनाओं में "राम की शक्ति पूजा" और "तुलसीदास" शामिल हैं। निराला ने हिंदी कविता को एक नया आयाम दिया और अपनी लेखनी के माध्यम से समाज की समस्याओं को उकेरा। उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा, लेकिन उन्होंने अपनी साहित्यिक प्रतिभा के द्वारा हिंदी साहित्य में अमर स्थान प्राप्त किया।
देवी प्रसाद राय चौधरी (1975)
देवी प्रसाद राय चौधरी एक प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार और मूर्तिकार थे, जिन्हें भारतीय कला और मूर्तिकला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए जाना जाता है। उन्होंने कला में नवाचार और भारतीय संस्कृति को नई दृष्टि से प्रस्तुत किया। देवी प्रसाद राय चौधरी को 1958 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उनके द्वारा बनाई गई मूर्तियाँ और चित्रकला कृतियाँ भारतीय सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा मानी जाती हैं। वे भारतीय कला जगत के एक महत्वपूर्ण स्तंभ थे, जिन्होंने भारतीय मूर्तिकला को नई पहचान दिलाई।
दुर्गा भाभी (1999)
दुर्गा भाभी का असली नाम दुर्गावती देवी था, और वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की क्रांतिकारी थीं। वे भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारियों की सहयोगी थीं और स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। दुर्गा भाभी ने कई साहसिक अभियानों में हिस्सा लिया और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ब्रिटिश शासन के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के नायकों में गिनी जाती हैं और उनके बलिदान और साहस की कहानी आज भी लोगों को प्रेरित करती है।
नोरोदम शिनौक (2012)
नोरोदम शिनौक कंबोडिया के पूर्व राजा थे और उन्होंने देश के राजनीतिक और सांस्कृतिक इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कंबोडिया को उपनिवेशवाद से मुक्त कराने में बड़ी भूमिका निभाई और कंबोडिया के सामाजिक और राजनीतिक संरचना को स्थिर करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे कई बार कंबोडिया के राजा और प्रधानमंत्री रहे। शिनौक ने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन वे हमेशा अपने देश के कल्याण के प्रति समर्पित रहे। उनकी मृत्यु 2012 में हुई, लेकिन कंबोडिया के लोगों के दिलों में वे आज भी जीवित हैं।
भानु अथैया (2020)
भानु अथैया भारतीय सिनेमा की मशहूर ड्रेस डिज़ाइनर थीं और उन्हें भारत की पहली ऑस्कर विजेता होने का गौरव प्राप्त है। उन्होंने 1982 में फिल्म 'गांधी' के लिए सर्वश्रेष्ठ कॉस्ट्यूम डिज़ाइन का ऑस्कर पुरस्कार जीता। अपने करियर में भानु अथैया ने भारतीय सिनेमा के कई दिग्गज निर्देशकों के साथ काम किया और फिल्म जगत में कॉस्ट्यूम डिज़ाइन को एक नई पहचान दिलाई। उन्होंने 'लगान', 'लगान', और 'स्वदेश' जैसी फिल्मों में भी काम किया। उनका योगदान भारतीय सिनेमा के विकास में अमूल्य है।
अक्किथम अछूथन नंबूथिरी (2020)
अक्किथम अछूथन नंबूथिरी मलयालम भाषा के महान कवि थे। उन्होंने मलयालम साहित्य को कई उत्कृष्ट काव्य रचनाएँ दीं और उन्हें साहित्य के क्षेत्र में सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हुआ। उनकी रचनाएँ सामाजिक न्याय, मानवीय मूल्यों और जीवन की गहराईयों को व्यक्त करती हैं। अक्किथम को 2019 में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनकी कविताएँ परंपरागत भारतीय मूल्यों और आधुनिक विचारधारा का अद्वितीय संगम थीं। उनके साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें मलयालम साहित्य में एक महान स्थान प्राप्त है।
ओ. पी. शर्मा (2022)
ओ. पी. शर्मा भारत के प्रसिद्ध जादूगर थे, जिन्हें भारत में जादू की कला को लोकप्रिय बनाने के लिए जाना जाता है। उन्होंने कई दशकों तक जादू का प्रदर्शन किया और अपने अद्भुत जादुई शो के माध्यम से देश और दुनिया भर में अपनी पहचान बनाई। ओ. पी. शर्मा ने जादू की प्राचीन और आधुनिक तकनीकों को मिलाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वे न केवल एक महान कलाकार थे, बल्कि उन्होंने जादू को एक सांस्कृतिक और मनोरंजन कला के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
विश्व छड़ी दिवस
विश्व छड़ी दिवस हर साल 15 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन नेत्रहीनों और दृष्टिहीन लोगों की मदद करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। सफेद छड़ी को नेत्रहीन लोगों की स्वतंत्रता का प्रतीक माना जाता है, और यह उनके जीवन में आत्मनिर्भरता का संदेश देता है। इस दिन का उद्देश्य नेत्रहीन लोगों के प्रति जागरूकता फैलाना और उनके अधिकारों और स्वाभिमान को सुनिश्चित करना है। विश्व छड़ी दिवस के माध्यम से दृष्टिहीन लोगों की चुनौतियों और उनकी सहायता के लिए समाज की भूमिका को उजागर किया जाता है।
विश्व ग्रामीण महिला दिवस
विश्व ग्रामीण महिला दिवस 15 अक्टूबर को मनाया जाता है और यह ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के महत्वपूर्ण योगदान को पहचानने के लिए समर्पित है। यह दिन उन महिलाओं को समर्पित है जो कृषि, पर्यावरण संरक्षण, और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में अहम भूमिका निभाती हैं। इस दिन का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के अधिकारों, उनकी आर्थिक सुरक्षा और उनके जीवन में सुधार के लिए जागरूकता फैलाना है। ग्रामीण महिलाएँ अक्सर समाज की रीढ़ होती हैं, और यह दिन उनके योगदान की सराहना करता है।
विश्व डाक दिवस (सप्ताह)
विश्व डाक दिवस हर साल 9 अक्टूबर को मनाया जाता है, लेकिन इसका सप्ताह 15 अक्टूबर तक मनाया जाता है। यह दिन डाक सेवाओं के महत्व को रेखांकित करता है और डाक क्षेत्र के कर्मचारियों की सराहना करता है। डाक सेवा ने दुनिया को जोड़ने में और सूचना, संचार और वस्तुओं के आदान-प्रदान में अहम भूमिका निभाई है। इस सप्ताह के दौरान, डाक सेवाओं के महत्व और उनके आधुनिक रूपों पर चर्चा की जाती है और उनके विकास को लेकर जागरूकता फैलाई जाती है।
राष्ट्रीय विधिक सहायता दिवस (सप्ताह)
राष्ट्रीय विधिक सहायता दिवस (सप्ताह) 15 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य समाज के वंचित और गरीब वर्गों को न्याय तक पहुँचाने के लिए जागरूकता फैलाना है। यह दिन भारतीय संविधान के तहत सभी नागरिकों के लिए न्याय तक समान पहुँच सुनिश्चित करने के महत्व को रेखांकित करता है। विधिक सहायता के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों को न्याय प्राप्ति में मदद की जाती है। इस दिन विधिक सेवाओं की जानकारी और उनके लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।