31 अक्टूबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
31 अक्टूबर की प्रमुख घटनाओं पर में जानकारी दी गई है:
-
1759 - साफेद में भूकंप
फिलीस्तीन के साफेद में 1759 में आए भूकंप ने व्यापक तबाही मचाई, जिसमें लगभग 100 लोग मारे गए। उस समय, साफेद एक प्रमुख यहूदी और मुस्लिम आबादी वाला शहर था। इस क्षेत्र में भूकंपों का इतिहास रहा है, जो इसे एक भूकंपीय सक्रिय क्षेत्र बनाता है। -
1864 - नेवादा अमेरिका का 36वां प्रांत
31 अक्टूबर 1864 को नेवादा अमेरिका का 36वां राज्य बना। इसे "सिल्वर स्टेट" कहा जाता है क्योंकि यह चांदी और सोने के भंडार के लिए प्रसिद्ध था। गृहयुद्ध के दौरान नेवादा का राज्यत्व अमेरिका के राजनीतिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण माना गया। -
1905 - सेंट पीटर्सबर्ग में क्रांतिकारी प्रदर्शन
1905 में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में एक बड़े क्रांतिकारी प्रदर्शन का आयोजन हुआ, जिसमें सुधार और श्रमिक अधिकारों की मांग की गई थी। इस क्रांति ने भविष्य में रूस में व्यापक सामाजिक और राजनीतिक बदलावों का मार्ग प्रशस्त किया। -
1908 - चौथे ओलंपिक खेलों का समापन
लंदन में आयोजित चौथे ओलंपिक खेलों का 31 अक्टूबर 1908 को समापन हुआ। इन खेलों में पहली बार ध्वज का उपयोग किया गया और इनसे ओलंपिक खेलों का महत्व बढ़ा। -
1914 - ब्रिटेन और फ्रांस ने तुर्की के खिलाफ युद्ध की घोषणा
प्रथम विश्व युद्ध के दौरान 31 अक्टूबर 1914 को ब्रिटेन और फ्रांस ने तुर्की के खिलाफ युद्ध की घोषणा की, क्योंकि तुर्की ने जर्मनी के साथ संधि की थी। इसने तुर्क साम्राज्य के पतन की शुरुआत की। -
1920 - रोमानिया ने बेसाराबिया पर कब्जा किया
मध्य यूरोपीय देश रोमानिया ने 1920 में पूर्वी यूरोप के बेसाराबिया क्षेत्र पर कब्जा किया। यह क्षेत्र रोमानिया और रूस के बीच ऐतिहासिक विवाद का कारण था और बाद में सोवियत संघ का हिस्सा बना। -
1953 - बेल्जियम में टेलीविजन प्रसारण शुरू
बेल्जियम ने 31 अक्टूबर 1953 को पहली बार टेलीविजन प्रसारण शुरू किया। इसने देश में दूरदर्शन के माध्यम से सूचना और मनोरंजन को एक नए स्तर पर पहुंचाया और जनता के बीच लोकप्रियता बढ़ाई। -
1956 - ब्रिटेन और फ्रांस ने मिस्र पर बमबारी की
स्वेज संकट के दौरान ब्रिटेन और फ्रांस ने मिस्र पर बमबारी शुरू की। इसका कारण मिस्र द्वारा स्वेज नहर का राष्ट्रीयकरण करना था, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में व्यवधान उत्पन्न हुआ था। -
1959 - नील नदी पर अस्वान बांध समझौता
सोवियत संघ और मिस्र के बीच 1959 में नील नदी पर अस्वान बांध बनाने के लिए एक समझौता हुआ। इस बांध ने मिस्र की कृषि और जल ऊर्जा उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। -
1960 - बंगाल की खाड़ी में चक्रवात
बंगाल की खाड़ी में आए चक्रवाती तूफान ने 1960 में भीषण तबाही मचाई, जिसमें करीब 10,000 लोगों की मृत्यु हुई। यह घटना भारत और बांग्लादेश में प्राकृतिक आपदाओं के इतिहास का हिस्सा है। -
1966 - मिहिर सेन ने पनामा नहर पार की
भारत के मशहूर तैराक मिहिर सेन ने 31 अक्टूबर 1966 को पनामा नहर को तैरकर पार किया, जिससे उन्होंने देश का नाम रोशन किया। मिहिर सेन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा पाने वाले भारतीय तैराकों में से एक हैं। -
1978 - ईरान में तेल कर्मचारियों की हड़ताल
1978 में ईरान में तेल कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू की। यह घटना ईरानी क्रांति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी, जिसने देश में बड़े राजनीतिक और सामाजिक बदलाव लाए। -
1982 - पोप जाॅन पॉल द्वितीय का स्पेन दौरा
पोप जाॅन पॉल द्वितीय स्पेन की यात्रा करने वाले पहले बिशप बने। उनका यह दौरा धार्मिक संवाद और स्पेन में ईसाई धर्म के प्रसार के लिए महत्वपूर्ण था। -
1984 - इंदिरा गांधी की हत्या
31 अक्टूबर 1984 को भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके अंगरक्षकों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद उनके पुत्र राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री पद संभाला। यह घटना भारत के इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना थी। -
1989 - तुर्गत ओजल तुर्की के राष्ट्रपति चुने गए
तुर्की के प्रधानमंत्री तुर्गत ओजल 1989 में राष्ट्रपति चुने गए। उनके कार्यकाल में तुर्की में राजनीतिक सुधार और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिला। -
1996 - रासायनिक अस्त्र प्रतिबंध संधि
31 अक्टूबर 1996 को 65 देशों की मंजूरी से रासायनिक अस्त्र प्रतिबंध संधि लागू करने का निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य विश्व में रासायनिक हथियारों के उपयोग को समाप्त करना था। -
2003 - भारत ने अफ़्रोएशियन हॉकी चैम्पियनशिप में स्वर्ण जीता
हैदराबाद में आयोजित अफ़्रोएशियन हॉकी चैम्पियनशिप में भारत ने पाकिस्तान को हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह भारत के हॉकी में प्रगति का प्रतीक है। -
2004 - फालुजा पर अमेरिकी हवाई हमला
अमेरिका ने इराक के फालुजा शहर पर हवाई हमला किया, जो इराक युद्ध के दौरान एक महत्वपूर्ण मोड़ बना। इस हमले का उद्देश्य शहर से विद्रोहियों को हटाना था। -
2005 - फिलिस्तीन-इस्रायल हिंसा न करने पर सहमत
फिलिस्तीन और इस्रायल के बीच हिंसा न करने के समझौते पर सहमति हुई। यह क्षेत्र में शांति स्थापित करने का प्रयास था, हालांकि संघर्ष बाद में भी जारी रहा। -
2006 - श्रीलंका में तमिल विद्रोही संघर्ष
श्रीलंका सरकार ने तमिल विद्रोहियों पर जाफना में गोलीबारी का आरोप लगाया। यह संघर्ष श्रीलंका में लंबे समय से चल रहे जातीय विवाद का हिस्सा था। -
2008 - अनिवार्य शिक्षा विधेयक मंजूर
भारत में 31 अक्टूबर 2008 को 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए गुप्त और अनिवार्य शिक्षा मुहैया कराने से संबंधित विधेयक को केंद्रीय मंत्रीमंडल ने मंजूरी दी। -
2015 - रूसी विमान दुर्घटना
रूसी एयरलाइन कोगलीमाविया का विमान 9268 उत्तरी सिनाई में दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जिसमें सभी 224 लोगों की मृत्यु हो गई। इस दुर्घटना को संभावित आतंकी हमले के रूप में देखा गया और इसमें विमान सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए गए।
31 अक्टूबर को जन्मे और निधन हुए व्यक्तियों तथा इस दिन के विशेष अवसरों पर 100-100 शब्दों में जानकारी दी गई है:
-
सरदार वल्लभभाई पटेल (1875)
सरदार वल्लभभाई पटेल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख नेता और स्वतंत्र भारत के पहले गृह मंत्री थे। उन्हें "लौह पुरुष" के नाम से जाना जाता है। उनके प्रयासों से 500 से अधिक रियासतों का भारत में विलय हुआ। उन्होंने एकता और अखंडता के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। -
नरेंद्र देव (1889)
आचार्य नरेंद्र देव एक विद्वान, समाजवादी विचारक, और देशभक्त थे। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और समाजवादी पार्टी के गठन में भी योगदान दिया। वे काशी विद्यापीठ के कुलपति बने और शिक्षा के क्षेत्र में नई सोच लाई। -
नोरोदम शिनौक (1922)
नोरोदम शिनौक कंबोडिया के राजा थे। उन्हें कंबोडिया की राजनीति में महत्वपूर्ण हस्ती माना जाता था, और उन्होंने कई बार देश के राजनीतिक परिदृश्य को बदलने में भूमिका निभाई। शिनौक का कार्यकाल कंबोडिया के इतिहास में महत्वपूर्ण रहा। -
नरिंदर सिंह कपानी (1926)
भारतीय मूल के अमेरिकी भौतिक विज्ञानी नरिंदर सिंह कपानी को "फाइबर ऑप्टिक्स का जनक" कहा जाता है। उन्होंने फाइबर ऑप्टिक्स की खोज की, जिससे आधुनिक संचार क्रांति का मार्ग प्रशस्त हुआ। उनके योगदान से आज टेलीविजन, इंटरनेट, और चिकित्सा क्षेत्र में उन्नति हुई है। -
ओमान चांडी (1943)
ओमान चांडी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख नेता थे और केरल के मुख्यमंत्री रहे। उनके कार्यकाल में केरल में शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति हुई। वे अपनी विनम्रता और सरल जीवनशैली के लिए जाने जाते हैं। -
जी. माधवन नायर (1943)
जी. माधवन नायर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष हैं। उनके नेतृत्व में इसरो ने चंद्रयान-1 और कई अन्य महत्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशनों का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। उन्होंने भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया। -
सर्बानंद सोनोवाल (1962)
सर्बानंद सोनोवाल असम के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। उन्होंने असम में सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की। वे असम में अपनी सेवा और नेतृत्व के लिए जाने जाते हैं। -
देबदीप मुखोपाध्याय (1977)
देबदीप मुखोपाध्याय भारत के प्रमुख कंप्यूटर वैज्ञानिक हैं। उनके शोध कार्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग में महत्वपूर्ण योगदान रखते हैं। वे शिक्षा और अनुसंधान में नई तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते हैं। -
सचिन देव बर्मन (1975 में निधन)
सचिन देव बर्मन बंगला और हिन्दी सिनेमा के प्रसिद्ध संगीतकार और गायक थे। उनके संगीत में बंगाली लोकधुनों की झलक मिलती है। उनकी प्रमुख फ़िल्में "आराधना", "कागज के फूल", और "गाइड" हैं। उनका संगीत आज भी लोकप्रिय है। -
इंदिरा गांधी (1984 में निधन)
इंदिरा गांधी भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। उन्होंने भारत को आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से मजबूत बनाया। ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद उनके अंगरक्षकों द्वारा उनकी हत्या कर दी गई। उनकी मृत्यु भारतीय राजनीति का एक दुखद अध्याय है। -
अमृता प्रीतम (2005 में निधन)
अमृता प्रीतम पंजाबी साहित्य की एक प्रमुख कवयित्री और उपन्यासकार थीं। उनके प्रमुख कार्यों में "पिंजर" और "रसीदी टिकट" शामिल हैं। उन्होंने महिलाओं के मुद्दों पर लिखने के लिए साहित्यिक समाज में पहचान बनाई और उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला। -
पी. लीला (2005 में निधन)
पी. लीला एक प्रसिद्ध भारतीय पार्श्वगायिका थीं, जो तमिल सिनेमा में अपनी विशेष आवाज के लिए प्रसिद्ध थीं। उन्होंने तमिल, तेलुगु, और कन्नड़ फिल्मों में कई लोकप्रिय गाने गाए। उनकी गायकी ने भारतीय संगीत को एक नया आयाम दिया। -
ब्रज कुमार नेहरू (2001 में निधन)
ब्रज कुमार नेहरू भारतीय राजनयिक और जवाहरलाल नेहरू के चचेरे भाई थे। उन्होंने भारत में कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवा की, जैसे भारत के राजदूत और संयुक्त राष्ट्र में प्रतिनिधि। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम ऊँचा किया। -
के. पी. सक्सेना (2013 में निधन)
के. पी. सक्सेना भारतीय व्यंग्यकार और लेखक थे, जिन्होंने अपनी हास्यपूर्ण लेखन शैली से पाठकों का मन मोहा। उन्होंने फिल्म "लगान" और कई टीवी धारावाहिकों के लिए भी संवाद लिखे। उनका लेखन समाज के विभिन्न मुद्दों पर कटाक्ष करता है। -
राष्ट्रीय एकता दिवस
31 अक्टूबर को भारत में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है। यह दिन देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय एकता के लिए सरदार पटेल के योगदान को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है, जो देश के सभी हिस्सों को एकजुट करने में सफल रहे।