वक्फ संशोधन बिल पर संसद में तीखी बहस, विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने
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वक्फ संशोधन बिल पर संसद में तीखी बहस, विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने
नई दिल्ली। लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर जोरदार बहस हुई, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष ने एक-दूसरे पर तीखे हमले किए। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के संसदीय दल के नेता कल्याण बनर्जी ने बिल का विरोध करते हुए इसे संविधान के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा, "मैं भी हिंदू हूं। मंदिर में दान करूंगा, बौद्ध मठ को दान दूंगा, मस्जिद और चर्च को भी दान दूंगा। आप किसी को कैसे नियंत्रित कर सकते हैं?"
भाजपा और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक
समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि "भाजपा का असली लक्ष्य वक्फ बोर्ड की जमीन पर कब्जा करना है। यह बिल ध्रुवीकरण की राजनीति का हिस्सा है और वोट बैंक को साधने के लिए लाया गया है।"
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने वक्फ बिल का समर्थन करते हुए विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने कहा, "यह बिल गैर-संवैधानिक नहीं है। वक्फ कोई धार्मिक संस्था नहीं है, बल्कि एक संपत्ति प्रबंधन बोर्ड है। कितने स्कूल, कॉलेज और अस्पताल वक्फ की जमीन पर बने हैं? कितनी गरीब मुस्लिम महिलाओं को जमीन दी गई?"
टीडीपी और कांग्रेस के रुख अलग-अलग
तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के सांसद कृष्ण प्रसाद टेनेटी ने बिल का समर्थन किया और इसे अल्पसंख्यकों के कल्याण की दिशा में उठाया गया कदम बताया। उन्होंने कहा, "टीडीपी हमेशा से मुस्लिम और अल्पसंख्यकों के विकास के लिए प्रतिबद्ध रही है, और यह बिल उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"
वहीं, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने बिल को संविधान के मूल ढांचे पर हमला करार दिया। उन्होंने कहा, "केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का बयान पूरी तरह से झूठा है। सरकार को इसे साबित करना चाहिए। यह बिल संघीय ढांचे पर आक्रमण है और धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ है।"
रिजिजू ने दी सफाई
वहीं, लोकसभा में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वक्फ संशोधन बिल किसी भी धार्मिक स्थल या मस्जिद की व्यवस्था में हस्तक्षेप नहीं करता। यह केवल संपत्ति प्रबंधन से जुड़ा मुद्दा है।
संसद में वक्फ बिल को लेकर चल रही गरमागरम बहस के बीच अब यह देखना होगा कि सरकार इसे लेकर आगे क्या रुख अपनाती है और क्या यह बिल संसद के दोनों सदनों से पास हो पाता है या नहीं।