सर्वानंद कौल प्रेमी व उनके बेटे की हत्या के मामले में एसआईए ने नौ स्थानों पर की छापेमारी; 36 साल बाद जांच शुरू
जम्मू-कश्मीर। जम्मू-कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने 36 वर्ष पुराने दोहरे हत्याकांड के मामले में कार्रवाई शुरु की है। एजेंसी की कार्रवाई से अब परिवार को 36 साल बाद न्याय की उम्मीद जगी है। परिवार, सर्वानंद कौल प्रेमी और उनके बेटे वीरेंद्र कौल के हत्यारों को सजा मिलने का इंतजार कर रहा था। जांच […] The post सर्वानंद कौल प्रेमी व उनके बेटे की हत्या के मामले में एसआईए ने नौ स्थानों पर की छापेमारी; 36 साल बाद जांच शुरू appeared first on VSK Bharat.
जम्मू-कश्मीर।
जम्मू-कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने 36 वर्ष पुराने दोहरे हत्याकांड के मामले में कार्रवाई शुरु की है। एजेंसी की कार्रवाई से अब परिवार को 36 साल बाद न्याय की उम्मीद जगी है। परिवार, सर्वानंद कौल प्रेमी और उनके बेटे वीरेंद्र कौल के हत्यारों को सजा मिलने का इंतजार कर रहा था।
जांच एजेंसी ने मामले की जांच के सिलसिले में जम्मू-कश्मीर में नौ स्थानों पर छापेमारी की। SIA की टीमें राजौरी जिले में छह स्थानों, जम्मू में दो और कश्मीर में एक स्थान पर पहुंचीं। यह कार्रवाई अनंतनाग के डोरू थाने में पहले दर्ज की गई FIR के सिलसिले में की गई है।
कश्मीरी हिन्दू लेखक, स्वतंत्रता सेनानी और शिक्षाविद् सर्वानंद कौल प्रेमी और उनके 27 वर्षीय बेटे वीरेंद्र कौल की 30 अप्रैल 1990 में हत्या कर दी गई थी। दरअसल, 29 अप्रैल 1990 की शाम 3 आतंकी सर्वानन्द कौल ‘प्रेमी’ के घर पहुंचे। उन्होंने कुछ बातचीत की और घर की महिलाओं से उनके गहने इत्यादि मूल्यवान वस्तुएं लाने को कहा, डरी सहमी महिलाओं ने सब कुछ निकालकर दे दिया। सारे गहने जेवरात और कीमती सामान एक सूटकेस में भरा गया, फिर आतंकी सर्वानन्द और उनके बेटे वीरेंद्र कौल को भी अपने साथ अगवा कर ले गए। परिवार इस उम्मीद में था कि वे वापस आएंगे, लेकिन अगले ही दिन यानि 30 अप्रैल 1990 को पुलिस को उनकी लाशें अनंतनाग में चिनार के पेड़ से लटकती हुई मिलीं।
सर्वानंद कौल अपने माथे पर भौहों के मध्य जिस स्थान पर तिलक लगाते थे, आतंकियों ने वहाँ कील ठोंक दी थी। पिता-पुत्र को गोलियों से छलनी तो किया ही गया था, इसके अतिरिक्त शरीर की हड्डियाँ तोड़ दी गयी थीं और जगह-जगह उन्हें सिगरेट से दागा भी गया था। मामले में FIR 45/1990, पुलिस स्टेशन डोरू दर्ज की गई थी। जिसकी जांच अब SIA कर रही है।
हाल ही में 1990 में नर्स सरला भट्ट की हत्या के मामले में SIA ने 737 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इसमें तत्कालीन JKLF प्रमुख यासीन मलिक सहित पांच आतंकियों को आरोपी बनाया गया है। हालांकि इनमें से तीन आरोपियों की मौत हो चुकी है, जबकि एक आरोपी फरार है।
सरला भट्ट के मामले में 36 साल बाद हुई कार्रवाई ने उन परिवारों के भी उम्मीद जगाई, जिनके परिवार के सदस्य 1990 के आतंकवाद में मारे गए और जिनके मामलों की जांच वर्षों तक आगे नहीं बढ़ सकी।
The post सर्वानंद कौल प्रेमी व उनके बेटे की हत्या के मामले में एसआईए ने नौ स्थानों पर की छापेमारी; 36 साल बाद जांच शुरू appeared first on VSK Bharat.