नेपाल के तटबंध को देखने पहुंचे अधिकारी, अभियंता
नेपाल सीमा के आसपास बसे हुए हैं। नेपाल से निकलने वाली शारदा और जगबूढा नदी भारत में बहती है।
तटबंध मामले को लेकर ग्रामीणों से बातचीत करते एसडीएम आशुतोष गुप्ता जागरण
नेपाल में जगबूढ़ा नदी पर बनाए जा रहे तटबंध से जिले के सीमावर्ती गांवों को बाढ़ के ख़तरे की खबर जागरण में प्रमुखता से प्रकाशित होने पर शासन ने तत्काल संज्ञान लिया। प्रदेश के राहत आयुक्त ने जिलाधिकारी से इस बाबत रिपोर्ट मांगी। इसके बाद डीएम के निर्देश पर कलीनगर के एसडीएम व बाढ़ खंड के अधिकारी सीमा क्षेत्र में जा पहुंचे। ग्रामीणों से पूरी जानकारी ली। साथ ही उन्हें बाढ़ व कटान से बचाव के लिए आश्वस्त किया।
थाना क्षेत्र के कई गांव नेपाल सीमा के आसपास बसे हुए हैं। नेपाल से निकलने वाली शारदा और जगबूढा नदी भारत में बहती है। हर वर्ष बरसात में शारदा और जगबूढा नदी से बाढ़ का खतरा बना रहता है। अब भारतीय सीमा से 500 मीटर दूर नेपाल की ओर से जगबूढा नदी पर तटबंध बनाया जा रहा है। जिसमें अब जगबूढा का पानी नेपाल में बन रहे बांध से टकरा कर सीधे इस जिले के सीमावर्ती इलाकों की तरफ रुख करेगा। जिससे गांव नौजल्हा, बूदीभूड़ और सुंदर नगर को बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।
सीमावर्ती ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए शुक्रवार के अंक में 'जगबूढा नदी पर बन रहे तटबंध से बाढ़ का खतरा, हो रहा विरोध' खबर को को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इस खबर का प्रदेश के राहत आयुक्त ने संज्ञान लिया। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ऋतु पूनिया ने डीएम के निर्देश पर कलीनगर के एसडीएम, बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता, एसएसबी के कमांडेंट व सीओ पूरनपुर को पत्र जारी करके सुस्पष्ट विस्तृत आख्या एवं फोटोग्राफ मांगे। इसके बाद कलीनगर एसडीएम आशुतोष गुप्ता अफसरों के साथ सीमावर्ती क्षेत्र में पहुंच गए।
अफसरों ने ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों ने समस्या को लिखित रूप से भी दी। मौके पर मौजूद बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता ने बाढ़ से बचाव के लिए कार्य कराने के लिए रिपोर्ट शासन को भेजने की बात कही। एसडीएम ने बताया कि मौके पर पहुंच कर स्थित को देखा गया है। बाढ़ खंड द्वारा कार्य के लिए रिपोर्ट बनाई जा रही है।