लोकसभा और राज्यसभा क्या होती है – पूरी जानकारी

जानिए लोकसभा और राज्यसभा क्या होती हैं, उनके गठन, कार्य, शक्तियाँ, सदस्य संख्या, चुनाव प्रक्रिया और दोनों सदनों के बीच मुख्य अंतर की पूरी जानकारी। What are Lok Sabha and Rajya Sabha complete information, लोकसभा और राज्यसभा क्या होती है – पूरी जानकारी

Apr 4, 2025 - 06:33
Apr 4, 2025 - 06:36
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लोकसभा और राज्यसभा क्या होती है – पूरी जानकारी

लोकसभा और राज्यसभा क्या होती है – पूरी जानकारी

भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य है, जहां संसद को सर्वोच्च विधायी संस्था माना जाता है। भारतीय संसद दो सदनों से मिलकर बनी होती है:

  1. लोकसभा (Lok Sabha) – इसे निचला सदन या निम्न सदन कहा जाता है।

  2. राज्यसभा (Rajya Sabha) – इसे उच्च सदन कहा जाता है।

नीचे दोनों सदनों की विस्तृत जानकारी दी गई है:


लोकसभा (Lok Sabha)

परिभाषा:

लोकसभा को "जनता का सदन" भी कहा जाता है। यह संसद का निचला सदन है, जिसमें देश की जनता द्वारा सीधे चुने गए प्रतिनिधि होते हैं।

गठन:

लोकसभा का गठन भारत के संविधान के अनुच्छेद 81 के तहत होता है।

कुल सदस्य:

वर्तमान में लोकसभा की अधिकतम सदस्य संख्या 552 हो सकती है:

  • 530 सदस्य राज्यों से,

  • 20 सदस्य केंद्र शासित प्रदेशों से,

  • 2 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा नामित किए जा सकते हैं (लेकिन यह प्रावधान अब निष्क्रिय है)।

(2024 तक लोकसभा में कुल 543 निर्वाचित सदस्य हैं।)

कार्यकाल:

लोकसभा का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है, लेकिन राष्ट्रपति चाहे तो आपातकालीन स्थिति में इसे बढ़ा भी सकते हैं।

चुनाव:

लोकसभा के सदस्य सीधे आम चुनावों के जरिए चुने जाते हैं। ये चुनाव हर 5 साल में होते हैं।

अध्यक्ष:

लोकसभा की अध्यक्षता लोकसभा स्पीकर करते हैं। यह पद बहुत ही महत्वपूर्ण होता है।

मुख्य कार्य:

  • कानून बनाना

  • बजट पास करना

  • सरकार के कार्यों पर निगरानी रखना

  • प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद को उत्तरदायी बनाना


राज्यसभा (Rajya Sabha)

परिभाषा:

राज्यसभा को "राज्यों का सदन" कहा जाता है। यह संसद का ऊपरी (उच्च) सदन है।

गठन:

राज्यसभा का गठन संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत किया गया है।

कुल सदस्य:

राज्यसभा में अधिकतम 250 सदस्य हो सकते हैं:

  • 238 सदस्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा निर्वाचित होते हैं,

  • 12 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा नामित किए जाते हैं, जो कला, साहित्य, विज्ञान, सामाजिक सेवा आदि क्षेत्रों में प्रतिष्ठित होते हैं।

(2024 तक राज्यसभा में 245 सदस्य हैं।)

कार्यकाल:

राज्यसभा स्थायी सदन है, जिसे भंग नहीं किया जा सकता। लेकिन हर 2 साल में एक तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं और उनके स्थान पर नए सदस्य चुने जाते हैं।
एक सदस्य का कार्यकाल 6 वर्ष होता है।

चुनाव:

राज्यसभा के सदस्य प्रत्यक्ष रूप से नहीं, बल्कि राज्यों की विधानसभाओं के विधायकों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत चुने जाते हैं।

उपाध्यक्ष:

राज्यसभा की अध्यक्षता उपराष्ट्रपति करते हैं, जो राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं। इनके अभाव में उपसभापति कार्य संभालते हैं।

मुख्य कार्य:

  • कानून पारित करना

  • राज्यों के हितों की रक्षा करना

  • राष्ट्रीय मुद्दों पर बहस

  • संवैधानिक संशोधन पास करना


लोकसभा और राज्यसभा में अंतर (Difference Between Lok Sabha and Rajya Sabha)

बिंदु लोकसभा राज्यसभा
गठन आम जनता द्वारा सीधे चुनाव राज्यों की विधानसभाओं द्वारा
सदस्य संख्या अधिकतम 552 अधिकतम 250
कार्यकाल 5 साल स्थायी सदन, 6 साल (1/3 हर 2 साल में रिटायर)
अध्यक्ष लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) उपराष्ट्रपति (सभापति)
शक्ति वित्तीय मामलों पर अधिक अधिकार विचार-विमर्श का मंच, लेकिन सीमित वित्तीय अधिकार
भंग किया जा सकता है हां, राष्ट्रपति द्वारा नहीं, यह स्थायी सदन है

लोकसभा और राज्यसभा दोनों ही भारत की संसद के दो आवश्यक स्तंभ हैं। एक तरफ लोकसभा जनता की सीधी आवाज़ को संसद तक पहुंचाती है, वहीं राज्यसभा राज्यों के हितों की रक्षा करती है। दोनों सदनों के समन्वय से ही भारत की संसदीय प्रणाली सुदृढ़ और लोकतांत्रिक बनती है।

अगर आप चाहें तो मैं इसका PDF नोट्स या इन्फोग्राफिक भी बना सकता हूँ।

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Hema Singh I am news writer and bloger