नड्डा ने सुनाया किस्सा कुर्सी का, भूपेंद्र ने संविधान की तस्वीरों से दिखाया आईना

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नड्डा ने सुनाया किस्सा कुर्सी का, भूपेंद्र ने संविधान की तस्वीरों से दिखाया आईना

75 वर्ष की यात्रा सुनाते हुए सत्ता पक्ष ने कई उदाहरणों से कांग्रेस को घेरा

संविधान की 75 वर्ष की गौरवशाली यात्रा पर चर्चा करते हुए सत्ता पक्ष अतीत के घटनाक्रमों के सहारे कांग्रेस के लिए कठघरा सजाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। राज्यसभा में चर्चा के दूसरे दिन नेता सदन जगत प्रकाश नड्डा ने संविधान संशोधनों का उल्लेख करते हुए 'किस्सा कुर्सी का' सुनाया और आरोप लगाया कि इंदिरा गांधी की कुर्सी को खतरा था, इसलिए आपातकाल लगाया गया।

वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने अपना भाषण संविधान की कैलीग्राफी पर केंद्रित रखा। संविधान के अलग- अलग भागों का विस्तार से वर्णन करते हुए रामसेतु मामले में भगवान राम को काल्पनिक बताए जाने और सेंगोल को नेहरू की टहलने की छड़ी बनाने के मामले में कांग्रेस को आईना दिखाने का प्रयास किया।

मंगलवार सुबह राज्यसभा में जेपी नड्डा ने कहा कि 25 जून, 2025 को आपातकाल के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उस दिन को भाजपा संविधान हत्या दिवस मनाएगी। इस पर विपक्षी खेमे से नारेबाजी हुई तो नड्डा ने कहा कि यदि कांग्रेस तब की गलतियां सुधारना चाहती है तो संविधान हत्या दिवस हमारे साथ मिलकर मनाए।

आपातकाल इसलिए नहीं लगाया गया था कि देश को खतरा था, बल्कि इसलिए लगाया गया था क्योंकि कुर्सी को खतरा था। वह किस्सा कुर्सी का था। कांग्रेस की तत्कालीन सरकार ने 42वें संशोधन के सहारे संविधान के पुनर्लेखन का प्रयास किया। संविधान सभा के अध्यक्ष डा. भीमराव आंबेडकर की आपत्ति के बावजूद मुस्लिम तुष्टीकरण के लिए संविधान की उद्देश्यिका में सेक्युलर और सोशलिस्ट जैसे शब्द जोड़े गए। उन्होंने मुस्लिमों को धार्मिक आधार पर आरक्षण देने का आरोप लगाया। इस पर कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि गुजरात सरकार ने भी ऐसा किया है तो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दावा किया कि गुजरात सरकार ने आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया है।

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि संविधान में सबसे ऊपर सत्यमेव जयते लिखा है। लोकसभा चुनाव में झूठ फैलाया गया कि भाजपा संविधान बदलना चाहती है, लेकिन झूठ हारा और सत्य जीता। जो भ्रम बचा था, वह हरियाणा और महाराष्ट्र चुनाव के बाद खत्म हो गया। कांग्रेस के प्रति न्यायपालिका की प्रतिबद्धता का उदाहरण देते हुए कहा कि जस्टिस बेग सीजेआइ के पद से रिटायर होने के बाद कांग्रेस के मुखपत्र नेशनल हेराल्ड के निदेशक व अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष बने। फिर उन्हें पद्म विभूषण दिया गया। इसी तरह सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस बहरुल इस्लाम 1972 में राज्यसभा के लिए चुने गए।

कांग्रेस पर कटाक्ष किया कि संविधान जेब में रखने के बजाय उसके इलस्ट्रेशन भी देख लिए होते तो संविधान के अनुसार चलते। भूपेंद्र यादव ने कांग्रेस पर पवित्र सेंगोल को पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की टहलने की छड़ी बताए जाने का आरोप लगाया, जिसे जयराम रमेश ने झूठी कहानी बताया। इस पर नड्डा ने कहा कि इस तथ्य को वह अधिकृत भी कर देंगे। अंत में भूपेंद्र यादव ने कहा कि संविधान में भगवान राम की तस्वीर है, लेकिन कांग्रेस ने रामसेतु मामले में राम को काल्पनिक बताया था। यह दस्तावेज में है, क्या इस पर भी जयराम रमेश सवाल उठा सकते हैं?

 

आर्थिक आधार पर आरक्षण के लिए विचार करे संसद: देवेगौड़ा

पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने आरक्षण की समीक्षा की पैरोकारी की। कहा कि आरक्षण की व्यवस्था के बावजूद बड़ी संख्या में ऐसे लोग है, जिन्हें इसका लाभ नहीं मिला। उन्हें दो वक्त की रोटी तक नहीं मिल पा रही। उन्होंने आग्रह किया कि गरीबों का जीवन स्तर ऊपर उठाने के लिए आर्थिक आधार पर आरक्षण के लिए संसद को विचार करना चाहिए।