28 मार्च की प्रमुख घटनाएँ – विस्तृत जानकारी
28 मार्च 2008 – केन्द्र सरकार ने 40 उत्पादों के निर्यात पर रियायतें समाप्त कीं
28 मार्च 2008 को भारत सरकार ने 40 उत्पादों के निर्यात पर दी जाने वाली रियायतें समाप्त करने की घोषणा की। यह निर्णय वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और घरेलू बाजार को स्थिर बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया था। निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं में बदलाव करने का उद्देश्य भारतीय अर्थव्यवस्था को संतुलित करना और आयात-निर्यात में संतुलन बनाए रखना था।
28 मार्च 2008 – ऑस्कर विजेता और पटकथा लेखक ऐबीमैन का निधन
ऑस्कर विजेता और प्रसिद्ध पटकथा लेखक ऐबीमैन का 28 मार्च 2008 को निधन हो गया। वे अपनी बेहतरीन पटकथाओं के लिए जाने जाते थे और हॉलीवुड में उनके योगदान को काफी सराहा गया। उनकी कई रचनाएँ सिनेमा जगत में ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
28 मार्च 2011 – भारत में बाघों की संख्या बढ़ी
28 मार्च 2011 को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में बाघों की संख्या में 21% की वृद्धि हुई। 2006 में देश में बाघों की संख्या 1411 थी, जो 2011 में बढ़कर 1706 हो गई। यह बढ़ोतरी वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रमों, बाघ अभयारण्यों और सख्त सुरक्षा उपायों का परिणाम थी। भारत में बाघों के संरक्षण के लिए 'प्रोजेक्ट टाइगर' जैसी योजनाएँ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
28 मार्च 2015 – साइना नेहवाल बनीं दुनिया की नंबर 1 बैडमिंटन खिलाड़ी
28 मार्च 2015 को भारतीय शटलर साइना नेहवाल ने बैडमिंटन की विश्व रैंकिंग में नंबर एक स्थान हासिल किया। वे यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं। साइना ने अपने करियर में कई अंतरराष्ट्रीय खिताब जीते और भारतीय बैडमिंटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी यह सफलता देश के लिए गर्व का क्षण था।
28 मार्च को जन्मे प्रमुख व्यक्ति
28 मार्च 1896 – गोरख प्रसाद (गणितज्ञ और हिंदी वैज्ञानिक साहित्य के लेखक)
गोरख प्रसाद एक प्रसिद्ध भारतीय गणितज्ञ थे, जिन्होंने हिंदी भाषा में वैज्ञानिक साहित्य को समृद्ध किया। वे हिंदी विश्वकोश के संपादक भी रहे और गणित को सरल भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। उनका योगदान शिक्षा और विज्ञान के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण रहा।
28 मार्च 1972 – एबिय जे जोस (भारतीय पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता)
एबिय जे जोस एक प्रसिद्ध भारतीय पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं। वे समाज में हाशिए पर मौजूद लोगों की आवाज उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं। उनके लेखन और सामाजिक कार्यों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर किया है।
28 मार्च 1982 – सोनिया अग्रवाल (भारतीय अभिनेत्री)
सोनिया अग्रवाल भारतीय फिल्म अभिनेत्री हैं, जो मुख्य रूप से तमिल सिनेमा में सक्रिय रही हैं। उन्होंने कई लोकप्रिय फिल्मों में अभिनय किया और अपनी प्रतिभा के दम पर दर्शकों के बीच पहचान बनाई। उनकी फिल्मों में "काढल कोंडेन्" और "7G रेनबो कॉलोनी" प्रमुख हैं।
28 मार्च 1965 – बिश्वेश्वर टुडू (भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिज्ञ)
बिश्वेश्वर टुडू भारतीय जनता पार्टी के एक प्रमुख नेता हैं। वे राजनीति में सक्रिय रूप से आदिवासी समुदायों के कल्याण और विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। उनकी राजनीतिक यात्रा और नीतियाँ समाज के हित में कई बदलाव लाने का प्रयास करती रही हैं।
28 मार्च को हुए निधन
28 मार्च 2006 – वेथाथिरी महर्षि (भारतीय दार्शनिक)
वेथाथिरी महर्षि एक प्रसिद्ध भारतीय योगी, दार्शनिक और आध्यात्मिक गुरु थे। उन्होंने योग, ध्यान और आध्यात्मिक विज्ञान के माध्यम से आत्मज्ञान को बढ़ावा दिया। वे ‘वर्ल्ड कम्युनिटी सर्विस सेंटर’ के संस्थापक थे और उनके विचार लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित कर चुके हैं।
28 मार्च 2006 – बंसीलाल (हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और स्वतंत्रता सेनानी)
बंसीलाल हरियाणा के प्रमुख राजनेता और तीन बार मुख्यमंत्री रहे। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़े थे और हरियाणा की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बंसीलाल ने हरियाणा में बुनियादी ढांचे और कृषि क्षेत्र के विकास में योगदान दिया। स्वतंत्रता संग्राम में भी उन्होंने सक्रिय भागीदारी निभाई थी।
28 मार्च 2002 – एफ़. एन. सूजा (प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार)
एफ़. एन. सूजा भारतीय आधुनिक कला के अग्रणी चित्रकारों में से एक थे। वे प्रगतिशील कलाकार समूह (Progressive Artists' Group) के संस्थापक सदस्यों में से थे। उनकी कलाकृतियाँ सामाजिक और धार्मिक विषयों को दर्शाती थीं। उनकी पेंटिंग्स अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रशंसा प्राप्त कर चुकी हैं।
28 मार्च 1995 – हरी देव जोशी (राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री)
हरी देव जोशी राजस्थान के सातवें मुख्यमंत्री थे और तीन बार इस पद पर आसीन हुए। वे कांग्रेस पार्टी के प्रमुख नेता थे और राजस्थान की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे। उन्होंने राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में योगदान दिया और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में कई कदम उठाए।
28 मार्च को हुए निधन
28 मार्च 1961 – छत्ता सिंह (प्रथम विश्व युद्ध के भारतीय वीर सैनिक)
छत्ता सिंह भारतीय थल सेना की 9वीं भोपाल इन्फैंट्री के सिपाही थे। वे प्रथम विश्व युद्ध के दौरान वीरता से लड़े और भारतीय सेना में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। उनकी सेवा और बलिदान भारतीय सैन्य इतिहास का हिस्सा हैं।
28 मार्च 1959 – काला वेंकटराव (दक्षिण भारत के प्रमुख राजनीतिक कार्यकर्ता)
काला वेंकटराव दक्षिण भारत के प्रमुख राजनीतिक नेता थे, जिन्होंने सामाजिक और राजनीतिक सुधारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे क्षेत्रीय राजनीति और सामाजिक उत्थान के लिए सक्रिय रूप से कार्यरत थे।
28 मार्च 1941 – कावासजी जमशेदजी पेटिगारा (भारतीय पुलिस आयुक्त)
कावासजी जमशेदजी पेटिगारा भारत के एक प्रतिष्ठित पुलिस अधिकारी थे। वे ब्रिटिश शासन के दौरान उच्च पदों पर कार्यरत रहे और भारतीय पुलिस सेवा में उनके योगदान को सराहा जाता है।
28 मार्च 1552 – गुरु अंगद देव (सिखों के दूसरे गुरु)
गुरु अंगद देव सिख धर्म के दूसरे गुरु थे। उन्होंने सिख धर्म के विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दिया और गुरुमुखी लिपि को विकसित किया। उनकी शिक्षाएँ और योगदान सिख समुदाय के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
28 March ka itihaas 28 मार्च के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव
राष्ट्रीय नौवहन दिवस
भारत में राष्ट्रीय नौवहन दिवस हर साल 28 मार्च को मनाया जाता है। इस दिन को भारतीय समुद्री परिवहन के महत्व को दर्शाने के लिए मनाया जाता है। यह दिवस भारतीय समुद्री व्यापार, नौसेना और मर्चेंट नेवी के योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है।
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