संस्कृत के छात्रों के लिए खुला बीएएमएस का रास्ता; केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने जारी की NEET-PA की अधिसूचना
नई दिल्ली। अब तक गुरुकुलों में और संस्कृत पढ़ने वाले छात्रों का मानना था कि चिकित्सक बनना उनकी पहुँच से बाहर है। लेकिन, अब यह धारणा बदलने वाली है। संस्कृत के विद्यार्थियों के लिए बीएएमएस का सपना साकार होगा। भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS), राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) एवं आयुर्वेद शिक्षा के समन्वय की दिशा में […] The post संस्कृत के छात्रों के लिए खुला बीएएमएस का रास्ता; केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने जारी की NEET-PA की अधिसूचना appeared first on VSK Bharat.
नई दिल्ली। अब तक गुरुकुलों में और संस्कृत पढ़ने वाले छात्रों का मानना था कि चिकित्सक बनना उनकी पहुँच से बाहर है। लेकिन, अब यह धारणा बदलने वाली है। संस्कृत के विद्यार्थियों के लिए बीएएमएस का सपना साकार होगा।
भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS), राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) एवं आयुर्वेद शिक्षा के समन्वय की दिशा में आगे बढ़ते हुए केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026–27 हेतु राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा – प्री आयुर्वेद (NEET-PA) की अधिसूचना जारी की है।
यह पहल उन संस्कृत छात्रों को नए अवसर देगी जो आयुर्वेदिक चिकित्सक बनना चाहते हैं। जिन छात्रों ने मान्यता प्राप्त बोर्ड (संस्कृत बोर्ड सहित) से 10वीं कक्षा उत्तीर्ण की है, वे बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS) डिग्री करने और आगे चलकर आयुर्वेदिक डॉक्टर बन सकेंगे। इस पहल को नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (NCISM) से भी स्वीकृति मिल चुकी है। इस पहल का उद्देश्य संस्कृत शिक्षा, गुरुकुल परंपराओं और भारत की समृद्ध आयुर्वेदिक विरासत को एक साथ लाना है।
NEET-PA की शुरुआत के साथ, जिन छात्रों ने किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड (संस्कृत बोर्ड सहित) से 10वीं कक्षा उत्तीर्ण की है, उनके पास अब बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS) डिग्री करने का एक खास रास्ता होगा। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय से जुड़े प्री-आयुर्वेद गुरुकुलों में प्रवेश लेकर, छात्र योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक बनने की ओर आगे बढ़ सकते हैं।
वाइस-चांसलर प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी के अनुसार, यह प्रोग्राम संस्कृत शिक्षा, गुरुकुल परंपरा और आयुर्वेद को एक एकेडमिक फ्रेमवर्क के तहत जोड़ेगा। यह पहल न केवल भारत की समृद्ध ज्ञान विरासत को बचाएगी, बल्कि छात्रों को अपनी पारंपरिक शिक्षा को सार्थक प्रोफेशनल करियर में बदलने में भी मदद करेगी।
इस इंटीग्रेटेड प्रोग्राम की अवधि 7.5 वर्ष होगी, जिसमें –
2 वर्ष की प्री-आयुर्वेद पढ़ाई
4.5 वर्ष की BAMS शिक्षा
1 वर्ष की अनिवार्य इंटर्नशिप, शामिल हैं।
इसे पूरा करने के बाद, छात्र आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रैक्टिस करने के योग्य होंगे।
NEET-PA के लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस जुलाई 2026 के तीसरे सप्ताह में शुरू होने की उम्मीद है। जो उम्मीदवार मान्यता प्राप्त बोर्ड (संस्कृत बोर्ड सहित) से 10वीं कक्षा पास कर चुके हैं, वे आवेदन करने के योग्य होंगे। 31 दिसंबर 2026 तक आवेदकों की आयु कम से कम 15 साल और अधिक से अधिक 25 वर्ष होनी चाहिए।
यूनिवर्सिटी की ओर से बताए गए परीक्षा पैटर्न के अनुसार, एंट्रेंस एग्ज़ाम ऑफ़लाइन, OMR-बेस्ड फ़ॉर्मेट में होगा और इसमें 120 मल्टीपल-चॉइस प्रश्न होंगे, जिन्हें 150 मिनट में पूरा करना होगा। इसमें कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। परीक्षा संस्कृत, हिंदी या अंग्रेज़ी भाषा में हो सकती है।
यूनिवर्सिटी ने अभी परीक्षा तिथि संभावित तौर पर 30 अगस्त या 6 सितंबर 2026 तय की है, अंतिम तिथि की घोषणा बाद में की जाएगी।
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