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Tag: और पुरुषार्थ प्रखर है।
Shayari
वही जीवित है, जिसका मस्तिष्क ठंढा, रक्त गरम, हृदय कोमल,...
वही जीवित है, जिसका मस्तिष्क ठंढा, रक्त गरम, हृदय कोमल, और पुरुषार्थ प्रखर है।