महाकुंभ 2025 में खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा राष्ट्रीय स्तर की खादी प्रदर्शनी का उद्घाटन
महाकुंभ 2025 में खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा राष्ट्रीय स्तर की खादी प्रदर्शनी का उद्घाटन, National level Khadi exhibition inaugurated by Khadi and Village Industries Commission in Mahakumbh 2025
महाकुंभ 2025 में खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा राष्ट्रीय स्तर की खादी प्रदर्शनी का उद्घाटन
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खादी प्रदर्शनी का उद्घाटन: केवीआईसी के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने महाकुंभ 2025 के दौरान प्रयागराज में राष्ट्रीय स्तर की खादी प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जिसमें 152 स्टॉल लगाए गए हैं।
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उत्पादन और बिक्री में वृद्धि: खादी और ग्रामोद्योग के उत्पादन में 26,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये और बिक्री में 31,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 1.55 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है।
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रोजगार सृजन: पिछले 10 वर्षों में रोजगार में 43.65% की वृद्धि हुई, जिससे 1.87 करोड़ लोगों को लाभ मिला और 10.17 लाख नए रोजगार सृजित हुए।
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खादी कारीगरों की आय में वृद्धि: खादी कारीगरों की आय में 213% की वृद्धि हुई, जो 4 रुपये से बढ़कर 12.50 रुपये प्रति लच्छा हो गई है।
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'वोकल फ़ॉर लोकल' पहल का समर्थन: श्री मनोज कुमार ने प्रदर्शनी के माध्यम से तीर्थयात्रियों और आगंतुकों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का आग्रह किया, जिससे भारतीय आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिले।
खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) ने महाकुंभ 2025 के मौके पर प्रयागराज के महात्मा गांधी मार्ग पर राष्ट्रीय स्तर की खादी प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केवीआईसी के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार, विधायक श्री हर्षवर्धन वाजपेयी और महापौर श्री गणेश केसरवानी सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। यह प्रदर्शनी 26 फरवरी तक जारी रहेगी और इसमें कुल 152 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें 98 स्टॉल पर खादी के उत्पाद और 54 पर ग्रामोद्योग के उत्पाद प्रदर्शित होंगे।
श्री मनोज कुमार ने उद्घाटन के दौरान कहा कि महाकुंभ न केवल एक आस्था का पर्व है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी है। उन्होंने खादी और ग्रामोद्योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खादी ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। 'खादी फॉर नेशन, खादी फॉर फैशन, खादी फॉर ट्रांसफॉर्मेशन' के आह्वान के तहत खादी का उत्पादन और बिक्री बढ़ी है, जिससे लाखों लोगों को रोजगार मिल रहा है।
श्री कुमार ने खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों में हुई प्रगति को साझा किया, जिसमें उत्पादन, बिक्री और रोजगार सृजन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके अलावा, उन्होंने उत्तर प्रदेश में खादी संस्थाओं के माध्यम से रोजगार प्राप्त करने वाले कारीगरों की संख्या पर भी प्रकाश डाला।
आखिरकार, श्री मनोज कुमार ने प्रदर्शनी को भारतीय आत्मनिर्भरता और संस्कृति का प्रतीक बताते हुए तीर्थयात्रियों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील की, जिससे 'वोकल फ़ॉर लोकल' पहल को बढ़ावा मिले।