18 वर्षीय डोम्माराजू गुकेश बने वर्ल्ड चेस चैंपियन, पीएम मोदी ने दी बधाई
18 वर्षीय डोम्माराजू गुकेश बने वर्ल्ड चेस चैंपियन, पीएम मोदी ने दी बधाई, Narendra Modi congratulates Gukesh D on his historic achievement, गुकेश डी की ऐतिहासिक उपलब्धि पर नरेंद्र मोदी ने बधाई दी
18 वर्षीय डोम्माराजू गुकेश बने वर्ल्ड चेस चैंपियन, पीएम मोदी ने दी बधाई
चेस के दुनिया में एक और सितारा चमका है! गुकेश डी ने अपनी असाधारण प्रतिभा, कड़ी मेहनत और अडिग संकल्प के साथ एक अभूतपूर्व सफलता हासिल की है।
इस उपलब्धि ने न केवल उनके नाम को चेस इतिहास में अमर कर दिया है, बल्कि यह लाखों युवा मनों को प्रेरित भी कर रहा है कि वे बड़े सपने देखें और उत्कृष्टता की ओर कदम बढ़ाएं।
गुकेश डी का यह विजय केवल उनकी मेहनत का परिणाम नहीं, बल्कि यह देश के चेस प्रेमियों के लिए गर्व का क्षण भी है। उनकी यह सफलता चेस के क्षेत्र में भारत के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है और यह युवा खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा बन गई है।
मैं गुकेश डी को उनकी भविष्य की यात्रा के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं देता हूं और उम्मीद करता हूं कि वह आगे भी इसी तरह अपनी प्रतिभा से दुनिया को चमत्कृत करेंगे।
@DGukesh
18 वर्षीय डोम्माराजू गुकेश बने वर्ल्ड चेस चैंपियन, पीएम मोदी ने दी बधाई
भारत के 18 वर्षीय शतरंज खिलाड़ी डोम्माराजू गुकेश ने इतिहास रचते हुए वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। सिंगापुर में खेले गए इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में गुकेश ने चीन के डिंग लीरेन को 14वें राउंड में हराकर चैंपियनशिप जीत ली। इसके साथ ही वह सबसे युवा वर्ल्ड चेस चैंपियन बने, जिन्होंने गैरी कास्पारोव का 1985 का रिकॉर्ड तोड़ा। कास्पारोव 22 साल और 6 महीने की उम्र में चैंपियन बने थे।
गुकेश के लिए टूर्नामेंट की शुरुआत थोड़ी मुश्किल रही, जब पहले राउंड में वह पिछड़ गए थे। लेकिन तीसरे राउंड में शानदार वापसी करते हुए उन्होंने टूर्नामेंट का रुख मोड़ दिया। 11वें राउंड में उन्होंने बढ़त बनाई, हालांकि अगला राउंड हार गए। लेकिन आखिरी राउंड में उन्होंने चमत्कारी अंदाज में जीत दर्ज की और वर्ल्ड चैंपियन बन गए।
इस ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुकेश को बधाई दी और कहा, "यह टैलेंट, कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता का परिणाम है। उनकी जीत ने न केवल शतरंज के इतिहास में उनका नाम दर्ज कराया है बल्कि लाखों युवाओं को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया है।" पीएम मोदी ने गुकेश को आने वाले टूर्नामेंट्स के लिए शुभकामनाएं दीं।
गुकेश ने इस जीत के बाद अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा, "यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा पल है। मैं आभारी हूं कि मुझे इस मुकाम तक पहुंचने का अवसर मिला।"
भारत को गर्वित करने वाले गुकेश की यह ऐतिहासिक जीत शतरंज के प्रेमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
18 वर्षीय डोम्माराजू गुकेश बने वर्ल्ड चेस चैंपियन उनके जीवन के बारे में
18 वर्षीय डोम्माराजू गुकेश, जिन्होंने वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप जीतने की उपलब्धि हासिल की, भारतीय शतरंज के एक युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। गुकेश का जन्म 29 मई 2006 को भारत के तमिलनाडु राज्य के चेंगलपत्तू में हुआ था। उन्होंने अपनी शतरंज यात्रा की शुरुआत बहुत कम उम्र में की और बहुत जल्दी अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से खेल की दुनिया में पहचान बनाई।
गुकेश ने 10 वर्ष की आयु में राष्ट्रीय स्तर पर शतरंज खेलना शुरू किया और तब से उन्होंने कई टूर्नामेंट्स में अपनी क्षमता का परिचय दिया। उनका खेल बहुत ही तकनीकी और रणनीतिक होता है, जो उन्हें प्रतियोगिताओं में सफलता दिलाने में मदद करता है। वे 2019 में भारत के सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर बने, और यह उनके करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी।
गुकेश की मुख्य ताकत उनकी मानसिक ताकत और खेल के प्रति उनकी गंभीरता है। वह लगातार अपनी शतरंज की रणनीतियों पर काम करते हैं और हर मैच के बाद अपनी गलतियों से सीखते हैं। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से यह साबित कर दिया कि वे भविष्य में शतरंज की दुनिया में एक बड़ा नाम बन सकते हैं।
गुकेश के वर्ल्ड चेस चैंपियन बनने के बाद, उनका नाम शतरंज के क्षेत्र में और भी ज्यादा सम्मानित हुआ है। यह जीत उनके करियर का एक अहम पड़ाव है और इससे भारतीय शतरंज में एक नई उम्मीद की किरण जगी है। वे शतरंज के खेल को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करने वाले प्रेरणा स्रोत बन गए हैं, खासकर भारतीय युवाओं के लिए।
उनकी यह सफलता इस बात का प्रतीक है कि भारतीय खिलाड़ी अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी क्षमता का लोहा मंवाने में सफल हो रहे हैं, और गुकेश जैसे युवा शतरंज खिलाड़ियों का योगदान इस दिशा में अहम होगा।