महाकुंभ 2025: 45 दिनों में करोड़ों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, रामलला को मिला 30 करोड़ का चढ़ावा
रामलला को अर्पित हुआ करोड़ों का चढ़ावा, Mahakumbh 2025 Crores of devotees took dip 45 days Ramlala got an offering of Rs 30 crores, महाकुंभ 2025: 45 दिनों में करोड़ों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, रामलला को मिला 30 करोड़ का चढ़ावा
महाकुंभ 2025: 45 दिनों में करोड़ों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, रामलला को मिला 30 करोड़ का चढ़ावा
प्रयागराज – संगम नगरी प्रयागराज में आयोजित 45 दिवसीय महाकुंभ मेले ने इस बार भी आस्था और श्रद्धा की अनूठी मिसाल पेश की। करोड़ों श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। इसके साथ ही अयोध्या और काशी में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
रामलला और काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु
महाकुंभ के दौरान अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर और वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। संगम में स्नान के बाद श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन कर रहे थे, वहीं काशी में बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक कर रहे थे।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, मकर संक्रांति से लेकर महाशिवरात्रि तक प्रतिदिन औसतन 4 से 5 लाख श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंचे।
रामलला को अर्पित हुआ करोड़ों का चढ़ावा
रामलला के दर्शन करने आए श्रद्धालुओं ने दिल खोलकर दान किया। 45 दिनों में मंदिर को लगभग 30 करोड़ रुपये की नकदी चढ़ावे में प्राप्त हुई। इसके अलावा, मंदिर के दानपात्रों में सोना, चांदी, आभूषण और विदेशी मुद्राएं भी मिली हैं।
दान के मुख्य बिंदु:
- श्रद्धालुओं ने नकदी के अलावा सोने-चांदी के आभूषण भी चढ़ाए।
- अमेरिकी डॉलर, यूरो, दिरहम और पौंड जैसी विदेशी मुद्राएं भी दान में प्राप्त हुईं।
- मंदिर प्रशासन जल्द ही दान की गणना पूरी कर आधिकारिक आंकड़े जारी करेगा।
काशी में भी भक्तों का तांता
काशी विश्वनाथ धाम में भी भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। महाकुंभ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई और जलाभिषेक किया। प्रशासन के अनुसार, वाराणसी में कुंभ के दौरान 1 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदिर के दर्शन किए।
महाकुंभ की भव्यता और सुरक्षा
महाकुंभ में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रयागराज, अयोध्या और वाराणसी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी। रेलवे और बस अड्डों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए।
प्रयागराज, अयोध्या और काशी प्रशासन ने इस बार की भीड़ को देखते हुए आगे के आयोजनों के लिए विशेष रणनीति बनाने की बात कही है।
श्रद्धालुओं का उत्साह बना रहा खास आकर्षण
महाकुंभ मेले की अवधि में दूर-दराज से श्रद्धालु संगम स्नान के लिए पहुंचे। बड़ी संख्या में एनआरआई भक्तों ने भी प्रयागराज और अयोध्या में भगवान रामलला के दर्शन किए और विशेष पूजन कराया।
मंदिर प्रशासन ने जताया आभार
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं द्वारा किए गए दान के लिए आभार जताया। ट्रस्ट के अनुसार, मंदिर निर्माण और विकास कार्यों में इस दान का उपयोग किया जाएगा।
निष्कर्ष
महाकुंभ 2025 ने आस्था, श्रद्धा और भक्ति का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। संगम स्नान, रामलला और काशी विश्वनाथ के दर्शन के साथ श्रद्धालुओं ने अपनी धार्मिक आस्था को प्रकट किया। अयोध्या और काशी में उमड़ी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की जड़ें कितनी गहरी और मजबूत हैं।