समाज में एकता और समरसता के लिए पंच परिवर्तन पर जोर
समाज में एकता और समरसता के लिए पंच परिवर्तन पर जोर
गाजियाबाद स्थित शंभु दयाल पीजी कॉलेज के तत्वावधान में प्रेरणा शोध संस्थान न्यास द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में प्रेरणा विचार मासिक पत्रिका के विशेषांक ‘परिवर्तन की पंचधारा’ का लोकार्पण किया गया। यह विशेषांक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पंच परिवर्तन सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें समाज को समग्र रूप से एकजुट और समरस बनाने के उद्देश्य से बदलाव की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
मुख्य वक्ता श्याम किशोर ने पंच परिवर्तन की व्याख्या करते हुए कहा कि समाज की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए संघ ने जिन विषयों को चुना है, वे संघ और स्वयंसेवकों की विचारधारा का हिस्सा तो पहले से ही रहे हैं, लेकिन अब इन पर अधिक योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष में तीन नए प्रमुख उद्देश्य जोड़े गए हैं— पहला, योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना; दूसरा, केवल स्वयंसेवकों तक ही नहीं, बल्कि समूचे समाज को इन परिवर्तनों से जोड़ना; और तीसरा, समाज में कार्यरत लोगों का सम्मान और सहयोग करके उन्हें प्रोत्साहित करना।
पत्रिका के संपादक मनमोहन सिसोदिया ने इस अवसर पर कहा कि प्रेरणा विचार पिछले एक वर्ष से समाज और राष्ट्र हित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श प्रस्तुत कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह विशेषांक पाठकों के लिए पंच परिवर्तन के विचारों का एक अद्वितीय स्रोत साबित होगा।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार नरेन्द्र भदौरिया की पुस्तक अज्ञेय का भी विमोचन हुआ। इस अवसर पर भदौरिया ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति के मार्गदर्शक सिद्धांतों ने समाज को हमेशा सही दिशा दी है, और आज भी भारतीय समाज अपनी इस विरासत को जीवंत बनाए हुए है।
कार्यक्रम में अज्ञेय पुस्तक की समीक्षा करते हुए प्रेरणा विचार पत्रिका की कार्यकारी संपादक डॉ. प्रियंका सिंह ने कहा कि पुस्तक भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और दर्शन के विविध आयामों पर आधारित है। इसमें आत्मा, परमात्मा और नैतिकता के बीच संबंधों की गहन चर्चा की गई है। उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रवाद केवल राजनीतिक अवधारणा नहीं, बल्कि नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों पर आधारित है।
अध्यक्षीय संबोधन में बिजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि प्रेरणा विचार पत्रिका का यह विशेषांक पूरे देश के लिए प्रेरणा और अनुकरणीय सिद्ध होगा। कार्यक्रम के अंत में शंभु दयाल पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अखिलेश मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए पत्रिका की सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बताया।
इस कार्यक्रम का सफल संचालन पत्रिका की प्रबंध संपादक मोनिका चौहान ने किया।