महिलाओं के नेतृत्व में विकास का केंद्र सरकार का प्रयास : मुर्मु
महिलाओं के नेतृत्व में विकास का केंद्र सरकार का प्रयास : मुर्मु, Central government efforts for women led development Murmu,
महिलाओं के नेतृत्व में विकास का केंद्र सरकार का प्रयास : मुर्मु
- मोदी के तीसरे कार्यकाल में तीन गुना गति से हो रहा काम
- अभिभाषण के अंत में खरगे एवं राहुल गांधी ने भी मेज थपथपाई
बजट से पहले राष्ट्रपति ने किया संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित, कहा, सरकार का एक ही मंत्र है- विकसित भारत का निर्माण
नई दिल्लीः राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बजट से पहले संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार को उपलब्धियों के जिक्र के साथ-साथ विकसित भारत के लिए किए जा रहे प्रयासों और योजनाओं का ब्योरा भी पेश किया। उन्होंने भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने और तेज विकास के लिए युवा, किसान और आधी आबादी के योगदान को अनिवार्य बताया। सरकार का प्रयास महिलाओं के नेतृत्व में देश का विकास है। कहा, राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ चलते हुए सरकार रिफार्म, परफार्म एवं ट्रांसफार्म के संकल्प को तेजी से आगे बढ़ा रही है। सरकार का एक ही मंत्र है-विकसित भारत का निर्माण।
पक्ष-विपक्ष के सदस्यों की मौजूदगी में राष्ट्रपति ने अभिभाषण की शुरुआत संविधान की 75वीं वर्षगांठ और बाबा साहेब के योगदान को याद करते हुए की। उन्होंने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के निधन व कुंभ में हादसे पर दुख भी व्यक्त किया। राष्ट्रपति के एक घंटे के भाषण के दौरान विपक्षी सदस्यों ने भी धैर्य बनाए रखा। अभिभाषण के अंत में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे एवं राहुल गांधी ने भी मेज थपथपाई। अमृतकाल की उपलब्धियों पर अभिभूत राष्ट्रपति ने कहा, मोदी के तीसरे कार्यकाल में तीन गुना गति से काम हो रहा है। बड़े निर्णयों एवं नीतियों को असाधारण गति से लागू किया जा रहा है। मुर्मू ने कहा, सरकार का प्रयास महिलाओं के नेतृत्व में देश का विकास करना है। उन्होंने उन योजनाओं का विवरण दिया, जिनके सहारे तरक्की के रास्ते खोले जा रहे हैं। लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में महिला आरक्षण की पहल, स्वयं सहायता समूहों के जरिये दस करोड़ महिलाओं को वित्तीय जागरूकता के तहत आधी आबादी के सपनों को पंख मिल रहे हैं। बीमा सखी अभियान के तहत बैंकिंग एवं डिजी पेमेंट सखियां गांव-गांव में लोगों को वित्तीय व्यवस्था से जोड़ रही हैं। वे प्राकृतिक खेती व पशुधन को बढ़ावा दे रही हैं।
तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है, जिसमें एक करोड़ 15 लाख लखपति दीदी बन चुकी हैं। कहा, गौरव का विषय है कि बड़ी संख्या में बेटियां विमान उड़ा रही हैं। पुलिस में भर्ती हो रही हैं। कारपोरेट कंपनियों का नेतृत्व कर रही हैं। डिफेंस अकादमी में भी महिला कैडेट्स की भर्ती शुरू हो गई है। राष्ट्रपति ने कहा, सरकार की योजनाओं ने नए मिडिल क्लास का पैसा समूह तैयार किया है, जो विकास को नई ऊर्जा दे रहा है। मध्य वर्ग जितने बड़े सपने देखेगा, देश उतनी ऊंची उड़ान भरेगा। उन्होंने सरकारी कर्मियों के लिए आठवें वेतन आयोग के गठन एवं सुनिश्चित पेंशन योजना की सराहना की। करदाताओं को राष्ट्र निर्माता बताया और टैक्स से जुड़े मसलों को आसान करने के लिए सरकार का आभार जताया।
जम्मू-कश्मीर का माहौल विकास के अनुकूलः मुर्मु ने कहा, जम्मू-कश्मीर के लोग सराहना के पात्र हैं क्योंकि अनुच्छेद 370 हटने के बाद बने अनुकूल माहौल में वहां विस व लीस दोनों चुनाव शांतिपूर्ण हुए हैं। राज्य में विकास के अनुकूल माहौल है।
सुविधाएं बढ़ने से घट रहा इलाज पर खर्च
राष्ट्रपति ने कहा, समाज के हर वर्ग को सस्ता व गुणवत्तापूर्ण इलाज मुहैया कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अस्पतालों में बेहतर सुविधाओं व इलाज के विकल्पों से स्वास्थ्य पर खर्च में कमी आ रही है। आयुष्मान योजना से बुजुर्गों को पांच लाख रुपये प्रतिवर्ष का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा।
दो नदी जोड़ो परियोजनाओं पर आगे बढ़ी सरकार
मुर्मु ने कहा, सरकार ने देश के सूखा प्रभावित क्षेत्रों को सिंचाई एवं पेयजल मुहैया कराने के लिए दो ऐतिहासिक नदी जोड़ी परियोजनाओं पर प्रगति की है। केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट से मप्र व उम्र के करोड़ों लोगों व पार्वती-कालीसिंध चंबल लिक प्रोजेक्ट से राजस्थान व मा के निवासियों को लाभ मिलेगा।
नई दिल्ली में शुक्रवार को संसद के बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करने पहुंची राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की अगवानी संगोल के साथ की गई। लोकसभा के अध्यक्ष ओम विरला, राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस दौरान साथ थे।
नई दिल्ली में शुक्रवार को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करती राष्ट्रपति दौपदी मुर्मु।
राष्ट्रपति ने ये भी कहा
• डिजिटल फ्राड, साइबर काइम व डीप
फेक जैसी उभरती हुई तकनीकें भारत की सामाजिक, आर्थिक व राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं। साइबर सिक्युरिटी में सक्षमता हासिल करने पर सरकार लगातार काम कर रही है।
• वैश्विक अस्थिरता के माहौल में भारत आर्थिक, सामाजिक एवं राजनीतिक स्थायित्व के स्तंभ के रूप में उभर रहा है और दुनिया के लिए प्रतिमान स्थापित कर रहा है।
सरकार पूर्वोत्तर के लोगों की आकांक्षाओं के प्रति सचेत है और उनकी अलगाव की भावना दूर करने के लिए काम किया है।
• दलित, पिछड़े एवं आदिवासी समुदाय सरकारी योजनाओं के सबसे बड़े लाभार्थी रहे हैं। दशकों तक अनदेखी के शिकार रहे आदिवासियों के कल्याण को शीर्ष प्राथमिकता दी गई है।
• देश ऐसे भविष्य को आकार दे रहा है जहां संस्कृति एवं विकास साथ-साथ बलेंगे। सरकार ने सदैव संविधान द्वारा रेखांकित मौलिक सिद्धांतों को अपनी नीतियों के मूल में रखा है।
• सरकार ने खेलो इंडिया और टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना जैसी पहलों के जरिये खेल ढांचे को मजबूत करने के महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
• किसानों की आय बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए सरकार कृषि क्षेत्र में आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में काम कर रही है।
• शहरों के निकट 12 औद्योगिक स्थल व 100 औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए 28,000करोड़ निवेश करने का निर्णय लिया है।
• भारत का विमानन क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है और आर्डर किए गए 1,700 से अधिक विमानों के संचालन के लिए हवाई अड्डों की संख्या बढ़ा रही है।
• 'मिशन मौसम' भारत को हर मौसम के लिए तैयार और क्लाइमेट स्मार्ट बनाएगा। इस पहल से देश के किसानों को काफी लाभ होगा।
देश की सीमाओं की रक्षा करने और आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने ऐतिहासिक पहल की हैं।
एक देश, एक चुनाव एवं वक्फ कानून में संशोधन ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दे हैं जिन पर सरकार ने तेजी से प्रगति की है।
वह दिन दूर नहीं जब कोई भारत्तीय स्वदेशी अंतरिक्ष यान गगनयान में सवार होकर अंतरिक्ष की यात्रा करेगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से सरकार विद्यार्थियों के लिए आधुनिक शिक्षा व्यवस्था स्थापित कर रही है।