02 दिसंबर: महत्वपूर्ण विभूतियों की जानकारी
कांग्रेस के 1900 के लाहौर सत्र की अध्यक्षता की। सामाजिक सुधारों में, वे प्रार्थना समाज के 23 वर्षों तक अध्यक्ष रहे। उनके कार्यों ने धर्मनिरपेक्षता और शिक्षा के प्रचार में योगदान दिया
02 दिसंबर: महत्वपूर्ण विभूतियों की जानकारी
1. नारायण गणेश चंद्रावरकर (1855-1923)
नारायण गणेश चंद्रावरकर एक प्रख्यात समाज सुधारक, न्यायविद, और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता थे। उनका जन्म 2 दिसंबर 1855 को कर्नाटक के होनावर में हुआ। 1881 में कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद, वे बंबई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने। उन्होंने कांग्रेस के 1900 के लाहौर सत्र की अध्यक्षता की। सामाजिक सुधारों में, वे प्रार्थना समाज के 23 वर्षों तक अध्यक्ष रहे। उनके कार्यों ने धर्मनिरपेक्षता और शिक्षा के प्रचार में योगदान दिया
2. अर्जुन भूमिया (बलिदानी स्वतंत्रता सेनानी)
अर्जुन भूमिया स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायक थे। वे ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह में सक्रिय रहे और उन्होंने अपने क्षेत्रीय समुदाय को ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ संगठित किया। उनके बलिदान ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण प्रेरणा दी। हालांकि उनकी जानकारी सीमित है, उनका योगदान स्वतंत्रता संग्राम में अमूल्य रहा।
3. गुरुदास बनर्जी (1844-1918)
गुरुदास बनर्जी भारत के पहले भारतीय उपकुलपति (Vice-Chancellor) थे। उन्होंने 1890 में कलकत्ता विश्वविद्यालय का नेतृत्व किया। वे समाज सुधार के पक्षधर थे और भारतीय शिक्षा प्रणाली में सुधार लाने के लिए प्रयासरत रहे। उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें भारतीय शिक्षा और समाज सुधार के क्षेत्र में योगदान के लिए याद किया जाता है
इन सभी महान विभूतियों का योगदान भारतीय समाज और स्वतंत्रता संग्राम में अमूल्य रहा है। उनके कार्यों और बलिदानों को सम्मानपूर्वक स्मरण करना हमारा कर्तव्य है।