लोकसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान पीएम मोदी का बयान, आर्टिकल 370 को जमीन में गाड़ने की बात
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लोकसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान पीएम मोदी का बयान, आर्टिकल 370 को जमीन में गाड़ने की बात
नई दिल्ली: 13 दिसंबर, 2024 को लोकसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू और कश्मीर से संबंधित संविधान के आर्टिकल 370 पर बोलते हुए इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया। प्रधानमंत्री ने कहा, "देश की एकता हमारी प्राथमिकता है, और इसी कारण आर्टिकल 370 को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया, ताकि जम्मू और कश्मीर देश के बाकी हिस्सों के साथ समानता के आधार पर विकसित हो सके।"
आर्टिकल 370 भारतीय संविधान का एक विशेष प्रावधान था, जो जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा प्रदान करता था। इसके तहत जम्मू और कश्मीर राज्य को अपनी स्वतंत्र संविधान बनाने और कई मामलों में भारत के बाकी हिस्सों से अलग रहने का अधिकार था। 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने इस अनुच्छेद को समाप्त कर दिया था, जिसके बाद जम्मू और कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया और इसे भारतीय संविधान के तहत पूरी तरह से एकीकृत किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस कदम को एक जरूरी सुधार के रूप में प्रस्तुत किया, जिससे राज्य में समावेशिता और विकास की दिशा में नई राह खोली गई। उन्होंने यह भी कहा कि आर्टिकल 370 का विरोध करना, राष्ट्र के हित में था और यह कदम भारत की राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया।
आर्टिकल 370 का ऐतिहासिक संदर्भ
आर्टिकल 370 भारतीय संविधान का एक अस्थायी और विशेष प्रावधान था, जो जम्मू और कश्मीर राज्य को भारत संघ के अन्य हिस्सों से अलग स्वायत्तता प्रदान करता था। यह अनुच्छेद 1947 में भारतीय संविधान के निर्माण के समय जम्मू और कश्मीर को विशेष अधिकार देने के उद्देश्य से शामिल किया गया था। जम्मू और कश्मीर को एक विशेष स्थिति मिलने का कारण उस राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक अलगाव की स्थिति थी, विशेष रूप से पाकिस्तान के साथ संघर्ष और कश्मीर के महाराजा द्वारा भारत में विलय की प्रक्रिया के चलते।
इस अनुच्छेद के तहत जम्मू और कश्मीर को अपनी संविधान बनाने का अधिकार था और उसे भारत के बाकी हिस्सों से कई मामलों में अलग रखा गया था, जैसे कि चुनाव, आंतरिक कानून, और वित्तीय मामलों में।
हालाँकि, 5 अगस्त 2019 को भारतीय सरकार ने आर्टिकल 370 को समाप्त कर दिया, जिसके बाद जम्मू और कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश में बदल दिया गया। इस कदम ने जम्मू और कश्मीर को भारतीय संविधान के तहत पूरी तरह से एकीकृत कर दिया और राज्य में समान विकास की संभावनाओं को खोल दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस फैसले को राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अब जम्मू और कश्मीर में समान अधिकार और अवसर सुनिश्चित किए जा सकेंगे, जो पूरे देश के लिए प्रेरणादायक होगा।