दो और विमानों को धमकी, नो फ्लाई लिस्ट में आएंगे धमकाने वाले
नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा, मंत्रालय नियमों में संशोधन इससे पहले इंडिगो, स्पाइसजेट, अकासा की सात उड़ानों में बुधवार को बम होने की धमकी मिली थी।
दो और विमानों को धमकी, नो फ्लाई लिस्ट में आएंगे धमकाने वाले
घरेलू विमानन कंपनियों की उड़ानों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने का क्रम चौथे दिन भी जारी रहा। गुरुवार को विस्तारा और इंडिगो एयरलाइंस की दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। इससे पहले इंडिगो, स्पाइसजेट, अकासा की सात उड़ानों में बुधवार को बम होने की धमकी मिली थी। करीब एक दर्जन उड़ानों को सोमवार और मंगलवार को भी इसी प्रकार की धमकियां मिली थीं। इस बीच, नागरिक उड्डयन मंत्रालय विमानों में बम होने की धमकी की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम लागू करने और दोषियों को नो फ्लाई लिस्ट में शामिल करने की योजना बना रहा है।
नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा, मंत्रालय नियमों में संशोधन करने पर विचार कर रहा है, ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि एयरलाइनों को बम की धमकी की घटनाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने इन घटनाओं के पीछे बड़ी साजिश की आशंका से इन्कार किया। मुंबई पुलिस ने इस संबंध में तीन दिनों में सात केस दर्ज किए हैं।
गुरुवार को मुंबई आ रही विस्तारा एयरलाइन की उड़ान को फ्रैंकफर्ट से आते ही तुरंत सुरक्षा जांच के लिए ले जाया गया, क्योंकि बोइंग 787 विमान में बम की धमकी मिली थी। विमान में यात्री और चालक दल के सदस्यों को मिलाकर कुल 147 लोग मौजूद थे। इसी समय तुर्किये के इस्तांबुल से मुंबई के लिए उड़ान भरने वाले इंडिगो के एक विमान में भी बम की धमकी मिली। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा व्यापक जांच के लिए विमान को एक अलग स्थान पर ले जाया गया।
विस्तारा और इंडिगो के विमानों को मिली धमकी, की गई सुरक्षा जांच राममोहन नायडू ने किसी बड़ी साजिश की आशंका से किया इन्कार 10 इंटरनेट मीडिया हैंडल निलंबित नई दिल्ली, प्रेट्रः विमानों में बम रखे होने की धमकी देने वाले करीब 10 इंटरनेट मीडिया हैंडल को साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने निलंबित कर दिया है। साइबर, विमानन सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों की संयुक्त टीम द्वारा विश्लेषण किए जाने के बाद इन हैंडल को निलंबित किया गया, क्योंकि इनसे अफवाहें फैलाई जा रही थीं। इनमें से अधिकांश खाते एक्स पर थे। एजेंसियों ने बम की अफवाह से जुड़े मामले में केस दर्ज होने के बाद इंटरनेट मीडिया व डार्क वेब पर साइबर निगरानी बढ़ा दी है।