ट्रेड वार में भारत के लिए संभावनाएं देख रहा संघ, मेक इन इंडिया फॉर ग्लोबल पर जोर बेंगलुरु में संघ की बैठक में होगी विस्तृत चर्चा, रणनीति तय करने की तैयारी
ट्रेड वार में भारत के लिए संभावनाएं देख रहा संघ, मेक इन इंडिया फॉर ग्लोबल पर जोर बेंगलुरु में संघ की बैठक में होगी विस्तृत चर्चा, रणनीति तय करने की तैयारी,
ट्रेड वार में भारत के लिए संभावनाएं देख रहा संघ, मेक इन इंडिया फॉर ग्लोबल पर जोर
नई दिल्ली। वैश्विक व्यापार युद्ध (ट्रेड वार) को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और उसके समवैचारिक संगठन भारत के लिए एक नई संभावना के रूप में देख रहे हैं। संघ समर्थित संगठन इस विषय पर गहन विचार-विमर्श कर देश के हित में रणनीति तैयार करने की योजना बना रहे हैं। इस संदर्भ में संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक 21 से 23 मार्च तक बेंगलुरु में आयोजित की जा रही है, जिसमें ट्रेड वार के लाभ और हानि पर चर्चा होगी।
संघ से जुड़े संगठन, जैसे लघु उद्योग भारती, सहकार भारती, ग्राहक पंचायत, भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ और स्वदेशी जागरण मंच, विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय हैं और भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन संगठनों के अनुसार, भारत ट्रेड वार से उत्पन्न चुनौतियों से उबरकर अपनी क्षमता बढ़ाकर वैश्विक मंच पर अपनी पकड़ मजबूत कर सकता है। इसके लिए अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी), तकनीकी सुधार और गुणवत्ता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
नई नीति और रणनीति पर जोर : अमेरिका से शुरू हुए वैश्विक व्यापार युद्ध को देखते हुए संघ ने भारत के लिए नई संभावनाओं को चिह्नित किया है। संघ के अनुसार, देश की 140 करोड़ की आबादी, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम और विशाल श्रमशक्ति ‘मेक इन इंडिया फॉर ग्लोबल’ पहल के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को अपनी 10 वर्षों की कार्य योजना को अभी से प्राथमिकता देनी चाहिए।
संघ समर्थित संगठन अमेरिकी व्यापार निर्भरता को कम करने के लिए नई रणनीति बना रहे हैं। लघु उद्योग भारती ने देश के उद्यमियों को अमेरिका के अलावा अन्य व्यापारिक विकल्प तलाशने की सलाह दी है।
27 मार्च को दिल्ली में होगी महत्वपूर्ण बैठक :दिल्ली में 27 मार्च को संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी। इसमें लघु उद्योग भारती, सहकार भारती, ग्राहक पंचायत, भारतीय किसान संघ और भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस बैठक में अमेरिका द्वारा आयात शुल्क में बढ़ोतरी के प्रभावों पर चर्चा होगी और आगे की रणनीति तय की जाएगी।
मुंबई में अप्रैल में होगी रोडमैप तैयार करने की बैठक: लघु उद्योग भारती की अखिल भारतीय कार्यकारी समिति की बैठक 11 से 13 अप्रैल को मुंबई में होगी, जहां इस विषय पर व्यापक चर्चा कर एक कार्य योजना तैयार की जाएगी। संगठन के महासचिव ओम प्रकाश गुप्ता ने कहा कि वैश्विक परिदृश्य बदल रहा है, और लघु उद्योग की क्षमता बढ़ाकर भारत इस प्रतिस्पर्धा का लाभ उठा सकता है।
स्वदेशी जागरण मंच की रायपुर बैठक : स्वदेशी जागरण मंच की राष्ट्रीय परिषद की बैठक 9 और 10 मार्च को रायपुर में होगी। इसमें वैश्विक ट्रेड वार को स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के अवसर के रूप में देखने पर चर्चा की जाएगी। मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक अश्विनी महाजन ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारत विश्वसनीय व्यापारिक भागीदार के रूप में उभर रहा है। इस परिस्थिति में निवेश बढ़ने और नई तकनीकों के साथ प्रतिबंधित कच्चे उत्पादों के आयात के रास्ते खुलने की संभावनाएं हैं।
आत्मनिर्भर भारत अभियान को मिलेगा बल :संघ के अनुसार, आत्मनिर्भर भारत अभियान ने विनिर्माण क्षेत्र में देश को एक नई क्षमता प्रदान की है। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भारत को अपने उत्पादों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता पर ध्यान केंद्रित करना होगा। संघ और उसके समवैचारिक संगठन इस दिशा में सक्रियता बढ़ाते हुए सरकार से संपर्क बनाए हुए हैं ताकि इस व्यापार युद्ध को एक अवसर में बदला जा सके।