पीएम आवास योजना 2.0 में 75% घर महिलाओं को मिलेंगे
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में 3.53 लाख घरों को मंजूरी, जिनमें 75% आवास महिलाओं के नाम होंगे। वरिष्ठ नागरिकों और विधवाओं को अतिरिक्त सहायता। 75% houses will be given to women in PM Awas Yojana 2.0, पीएम आवास योजना 2.0 में 75% घर महिलाओं को मिलेंगे पीएम आवास योजना 2.0, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी, महिलाओं के लिए घर योजना, वरिष्ठ नागरिक आवास सहायता, पीएम आवास लाभार्थी सूची, किफायती आवास योजना, विधवा महिलाओं के लिए सरकारी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना न्यू अपडेट, PMAY Urban 2.0, Affordable Housing Scheme India
पीएम आवास योजना 2.0 में 75% घर महिलाओं को मिलेंगे
शुरुआती चरण में 3.53 लाख आवासों के निर्माण को मिली मंजूरी
वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं को अतिरिक्त सहायता देगी उम्र सरकार
शहरी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में महिलाओं के लिए 2.67 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं। केंद्र सरकार ने दूसरे चरण की शुरुआत करते हुए 3.53 लाख घरों के निर्माण को मंजूरी दी, जिनमें 75 प्रतिशत आवास एकल महिलाओं अथवा ऐसी महिलाओं के नाम पर होगी, जिनके पति दिवंगत हो चुके हैं। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्रीनिवास कटिकिथला की अध्यक्षता में शुक्रवार को केंद्रीय मंजूरी और निगरानी समिति की पहली बैठक में इन घरों के निर्माण को मंजूरी दी गई।
पीएम आवास योजना 2.0 के तहत लाभार्थियों को निर्माण में मदद और साझेदारी में किफायती आवास के अंतर्गत 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इन आवासों के निर्माण को मंजूरी प्रदान की गई है। इसमें उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान और तेलंगाना शामिल हैं।
कुल स्वीकृत घरों में अनुसूचित जाति के लाभार्थियों के लिए 80,850 घर, अनुसूचित जनजाति के लिए 15,928 और ओबीसी श्रेणी के लिए 2,12,603 घर शामिल हैं। पीएम आवास योजना 2.0 के अंतर्गत राज्य के हिस्से के अलावा
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक लाभार्थी (70 वर्ष से अधिक उम्र के) को तीस हजार रुपये और प्रत्येक अविवाहित महिला (40 वर्ष से अधिक) को 20 हजार रुपये प्रदान कर रही है। पति को खो चुकीं अथवा अलग रह रहीं महिलाओं को भी 20 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि प्रदान की जा रही है।
योजना के तहत पांच साल में शहरी इलाके में एक करोड़ घर बनने हैं। इसके लिए 31 राज्यों और केंद्रशासित क्षेत्रों के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए हैं। लाभार्थियों को आवेदन करने के लिए एक पोर्टल भी विकसित किया है। इस योजना के लिए 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिसमें 2.30 लाख करोड़ की सरकारी सहायता शामिल है।